Sunday, 30 July 2017

Khansi ka saral ilag hindi me- खांसी का घरेलु इलाज

खांसी जिसे आयुर्वेद में कास रोग की संज्ञा दी गयी है, पांच पारकर की होती है: तीन परकर की वात, पित्त और कुफ़ के बिगाड़ से और चौथी कृमियो से उत्पन और पांचवी क्षय रोग की. खांसी किसी भी समय आ सकती है. कुछ खाते पिटे समय खाने की नाली के मार्ग में अवरुद्ध होने पर तेज खांसी शुरू होती है. खांसते खांसते रोगी परेशान हो जाता है. जब तक बलगम ना निकले जब तक खांसी चलती रहती है. चेहरा लाल हो जाता है. खांसने से पेट में दर्द होने लगता है.




नोट- अगर अधिक दिनों तक खांसी निरंतर चलती रहती है तो यह अन्य रोगो की ताराफ इशरा करती है जैसे टी.बी और अस्थमा.


balgam wali khansi ka desi ilaj- बलगम वाली खांसी का देसी इलाज


1)तेजपात की छाल और पीपल के पतों को बराबर मात्रा में कूट कर चूर्ण बना ले औ उसमे थोड़ा सा शहद मिलाकर चाटने से लाभ होगा.


2)अदरक का रस 5 ग्राम, 3 ग्राम शहद मिलाकर चाटने से लाभ होगा.


3)क्षय  रोग में खांसी का परकोप होने पर केले के तने का रस 20 ग्राम मात्रा में दूध में मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है. दिन में तिन चार बार इस्तेमाल करने से आपको काफी लाभ होगा.


4) सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम और काली मिर्च का चूर्ण 3 ग्राम मिलाकर शहद के साथ चाटने पर खांसी से आराम मिलता है.


5) छोटी कटेरी के फूलों के केसर को 2 ग्राम पीसकर शहद मिलाकर सेवन करने से भी खांसी का परकोप शांत होता है.


6) बहुत खांसने पर भी अगर कफ नही निकल पा रही हो तो छोटी कटेरी की जड़ को छाया में सुखाकर पिसकर चूरण बना लें. 1 ग्राम चूरण में पीपल का चूरण 1 ग्राम मिलाकर थोड़ा सा शहद मिलाकर 2-3 बार चाटने से कफ सरलता से निकल जाता है.


7) काली मिर्च, गूलर के फूल और ढाक की कोमल कली को बराबर लेकर पिसकर चूरण बना ले. अब इस मिश्रण को शहद के साथ ले. इससे दिन में दो से तिन बार ले.


दोसतो उमिद है कि अपको इससे बहुत लाभ होगा और आपकी problem दुर हो जाएगी.